गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) क्या है?
गणेश चतुर्थी भारत का एक प्रमुख हिंदू पर्व है, जिसे विघ्नहर्ता भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार हर वर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को आता है, जो प्रायः अगस्त या सितंबर महीने में पड़ता है।
भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देव माना गया है। किसी भी शुभ कार्य, विवाह, यात्रा या धार्मिक आयोजन की शुरुआत श्री गणेश की पूजा के बिना अधूरी मानी जाती है। इसी कारण गणेश चतुर्थी का पर्व विशेष महत्व रखता है।

गणेश चतुर्थी 2025 – तिथि और शुभ मुहूर्त
- गणेश चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 27 अगस्त 2025, बुधवार
- गणेश चतुर्थी तिथि समाप्ति: 27 अगस्त 2025, बुधवार
- व्रत एवं पूजा का दिन: 27 अगस्त 2025
- गणेश विसर्जन (अनंत चतुर्दशी): 6 सितम्बर 2025
गणेश चतुर्थी का महत्व (Importance of Ganesh Chaturthi)
गणेश चतुर्थी केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है। उनके पूजन से जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं।
- वे बुद्धि, विवेक, समृद्धि और सौभाग्य के दाता हैं।
- गणपति को गणों के स्वामी और सृष्टि के आरंभकर्ता माना जाता है।
- महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में यह पर्व भव्य सार्वजनिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
- आज के समय में गणेश चतुर्थी लोगों को एकजुट करने और समाज में भाईचारे का संदेश देने वाला पर्व है।
गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) का इतिहास और उत्पत्ति
गणेश चतुर्थी का पर्व प्राचीन काल से मनाया जाता रहा है। लेकिन इसे जनआंदोलन और सामाजिक उत्सव का रूप छत्रपति शिवाजी महाराज ने दिया था। उन्होंने इसे मराठा साम्राज्य में एकता और सांस्कृतिक शक्ति के प्रतीक के रूप में लोकप्रिय बनाया।
बाद में 1893 में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता आंदोलन में लोगों को एकजुट करने के लिए गणेश चतुर्थी को सार्वजनिक उत्सव के रूप में पुनः शुरू किया। यही कारण है कि महाराष्ट्र में आज भी गणेशोत्सव का उत्साह सबसे अधिक देखने को मिलता है।
गणेश चतुर्थी पूजा विधि (Ganesh Chaturthi Puja Vidhi)
तैयारी
- प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- घर के पवित्र स्थान या पूजा स्थल को साफ करें।
- एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें।
पूजन क्रम
- कलश स्थापना करें और उसमें गंगाजल भरें।
- गणेश जी को रोली, चावल, सिंदूर, दूर्वा, मोदक और फूल अर्पित करें।
- गणपति अथर्वशीर्ष, गणेश चालीसा या गणेश स्तुति का पाठ करें।
- धूप-दीप प्रज्वलित कर गणेश जी की आरती करें।
- प्रसाद (मोदक, लड्डू, नारियल) अर्पित कर परिवार में बाँटें।
👉 विशेष ध्यान दें – गणेश जी को तुलसी पत्र चढ़ाना वर्जित है।
गणेश चतुर्थी व्रत कथा (Ganesh Chaturthi Vrat Katha)
पौराणिक कथा के अनुसार, माता पार्वती ने स्नान करते समय अपने शरीर के उबटन से एक बालक की रचना की और उसमें प्राण फूंक दिए। उन्होंने उस बालक (गणेश) को आदेश दिया कि जब तक वे स्नान करके न आ जाएँ, तब तक किसी को भी घर में प्रवेश न करने दें।
इसी दौरान भगवान शिव वहाँ पहुँचे और प्रवेश करना चाहा। गणेश जी ने उन्हें रोका। इससे क्रोधित होकर शिवजी ने उनका मस्तक काट दिया। जब पार्वती ने यह देखा तो वे दुखी हो गईं। तब शिवजी ने वचन दिया कि वे गणेश को पुनः जीवित करेंगे। उन्होंने एक हाथी का सिर लगाकर गणेश जी को पुनर्जीवित किया और उन्हें गणपति नाम दिया।
इसी कारण गणेश जी को गजानन और प्रथम पूज्य देव कहा जाने लगा।
शहरवार शुभ मुहूर्त (City-wise Timings) 27 अगस्त 2025
शहर / स्थान शुभ मुहूर्त
पुणे 11:21 AM – 01:51 PM
नई दिल्ली 11:05 AM – 01:40 PM
चेन्नई 10:56 AM – 01:25 PM
जयपुर 11:11 AM – 01:45 PM
हैदराबाद 11:02 AM – 01:33 PM
गुरुग्राम 11:06 AM – 01:40 PM
चंडीगढ़ 11:07 AM – 01:42 PM
कोलकाता 10:22 AM – 12:54 PM
मुंबई 11:24 AM – 01:55 PM
बैंगलोर 11:07 AM – 01:36 PM
अहमदाबाद 11:25 AM – 01:57 PM
नोएडा 11:05 AM – 01:39 PM
गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) पर विशेष उपाय
- 21 दूर्वा और 21 मोदक चढ़ाने से मनोकामनाएँ पूरी होती हैं।
- विद्यार्थी गणेश जी को श्वेत दूर्वा और लड्डू अर्पित करें, इससे शिक्षा में सफलता मिलती है।
- व्यापार में वृद्धि के लिए उत्तर दिशा में गणपति की स्थापना करें।
- विवाह में बाधा दूर करने हेतु लाल वस्त्रों में लड्डू चढ़ाएँ।
गणेश विसर्जन का महत्व
गणेश चतुर्थी का समापन अनंत चतुर्दशी को गणेश विसर्जन के साथ होता है। इस दिन श्रद्धालु नृत्य, कीर्तन और जयकारों के साथ गणपति की मूर्ति को नदी, तालाब या समुद्र में विसर्जित करते हैं।
गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) पर मनाए जाने वाले उत्सव
- महाराष्ट्र – सबसे भव्य गणेशोत्सव, बड़े-बड़े पंडाल, लम्बे जुलूस।
- गोवा – परिवारों में विशेष पूजा और उत्सव।
- कर्नाटक व आंध्र प्रदेश – धार्मिक आयोजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम।
- उत्तर भारत – मंदिरों और घरों में गणेश पूजन।
गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) से जुड़ी मान्यताएँ
- इस दिन गणेश जी की पूजा से दरिद्रता और विघ्न दूर होते हैं।
- गणपति बप्पा की कृपा से व्यापार और धन-संपत्ति में वृद्धि होती है।
- भक्तों को मोक्ष और ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है।
गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) 2025 FAQs
Q1. गणेश चतुर्थी 2025 कब है?
👉 27 अगस्त 2025, बुधवार।
Q2. गणेश विसर्जन कब होगा?
👉 6 सितम्बर 2025 को अनंत चतुर्दशी पर।
Q3. गणेश जी को कौन सा प्रसाद सबसे प्रिय है?
👉 मोदक और दूर्वा गणेश जी को सबसे प्रिय हैं।
Q4. गणेश चतुर्थी किस राज्य में सबसे भव्य रूप से मनाई जाती है?
👉 महाराष्ट्र में।
Q5. गणेश चतुर्थी पर किन वस्तुओं का प्रयोग वर्जित है?
👉 तुलसी पत्र और शंख।
निष्कर्ष
गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि यह भक्ति, आस्था, सामाजिक एकता और संस्कृति का प्रतीक है। भगवान गणेश की पूजा से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और कठिनाइयाँ दूर होती हैं।
गणपति बप्पा मोरया! मंगल मूर्ति मोरया!
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क्या कहती है wikipedia भगवान गणेश के बारे में